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Siddharth Tabish

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क्या धर्म व ईश्वर के बिना नैतिकता संभव है?
Is morality possible without religion and God?

अक्सर लोग यह प्रश्न करते हैं कि यदि धर्म और ईश्वर में लोगों की आस्था ख़त्म हो जाएगी तो फिर लोगों को गलत काम करने से कैसे रोका जाएगा? उन्हें अच्छे काम करने की प्रेरणा कहाँ से मिलेगी? ऐसा सोचा जाता हैं कि ईश्वर का भय (Fear of God) ही है जो लोगों को गलत कामों को करने से रोकता है। अगर लोगों के मन से यह भय ख़त्म हो गया तो अराजकता फ़ैल जायेगी।

अर्पित ने अपने वीडियो में इस तरह के प्रश्न का विस्तार से उत्तर दिया।

धर्म व ईश्वर के बिना क्या नैतिकता संभव है?

क्या धर्म व ईश्वर के बिना नैतिकता संभव है?
Is morality possible without religion and God?

अक्सर लोग यह प्रश्न करते हैं कि यदि धर्म और ईश्वर में लोगों की आस्था ख़त्म हो जाएगी तो फिर लोगों को गलत काम करने से कैसे रोका जाएगा? उन्हें अच्छे काम करने की प्रेरणा कहाँ से मिलेगी? ऐसा सोचा जाता हैं कि ईश्वर का भय (Fear of God) ही है जो लोगों को गलत कामों को करने से रोकता है। अगर लोगों के मन से यह भय ख़त्म हो गया तो अराजकता फ़ैल जायेगी।

अर्पित ने अपने वीडियो में इस तरह के प्रश्न का विस्तार से उत्तर दिया।

किसी की आस्था मिटाना इतना कठिन क्यों है?
Why it's so hard to shake someone's belief?

हम अक्सर देखते हैं कि लोगों की आस्था तमाम नयी खोज व नयी जानकारी देने के बाद भी मिटती नहीं। जबकि सभी तरह की नयी जानकारी 'आस्था को गलत सिद्ध करती है!' के बावजूद ये ख़त्म नहीं होती। उनके दिमागों में ऐसा क्या चलता है? क्यों वो अपनी आस्था बचाने के लिए सच्चाई को नजरअंदाज कर देते हैं?

अर्पित के इस वीडियो से जानिए कि आखिर आस्तिकों को अपनी आस्था से इतना मोह क्यों रहता है?

किसी की आस्था मिटाना इतना कठिन क्यों है?

किसी की आस्था मिटाना इतना कठिन क्यों है?
Why it's so hard to shake someone's belief?

हम अक्सर देखते हैं कि लोगों की आस्था तमाम नयी खोज व नयी जानकारी देने के बाद भी मिटती नहीं। जबकि सभी तरह की नयी जानकारी 'आस्था को गलत सिद्ध करती है!' के बावजूद ये ख़त्म नहीं होती। उनके दिमागों में ऐसा क्या चलता है? क्यों वो अपनी आस्था बचाने के लिए सच्चाई को नजरअंदाज कर देते हैं?

अर्पित के इस वीडियो से जानिए कि आखिर आस्तिकों को अपनी आस्था से इतना मोह क्यों रहता है?

भगवान के अस्तित्व के लिए सोनू शर्मा का बचकाना तर्क
Sonu Sharma's childish argument for the existence of God

सोनू शर्मा एक जाने-माने प्रेरक वक्ता (Motivational Speaker) हैं। लेकिन जहाँ बात ईश्वर की आती है वहाँ क्या विख्यात और क्या आम आदमी सभी एक ही जैसे तर्क देते हैं। इस वीडियो में उनके एक सेमिनार में दिए गए तर्कों का विश्लेषण किया गया है।

प्रेरक वक्ता सोनू शर्मा के बचकाना तर्क

भगवान के अस्तित्व के लिए सोनू शर्मा का बचकाना तर्क
Sonu Sharma's childish argument for the existence of God

सोनू शर्मा एक जाने-माने प्रेरक वक्ता (Motivational Speaker) हैं। लेकिन जहाँ बात ईश्वर की आती है वहाँ क्या विख्यात और क्या आम आदमी सभी एक ही जैसे तर्क देते हैं। इस वीडियो में उनके एक सेमिनार में दिए गए तर्कों का विश्लेषण किया गया है।

सद्गुरु के छद्म विज्ञान का पर्दाफाश
Sadhguru's Pseudoscience Exposed

जग्गी वासुदेव उर्फ ​​सद्गुरु नए जमाने के स्वयंभू संत कहे जाते हैं, उनके पास आधुनिक शिक्षित, भारतीय शहरी और NRI अनुयायी प्रचुर मात्रा में हैं। सद्गुरु को छद्म विज्ञान का गुरु कहा जा सकता है। जग्गी वासुदेव उर्फ ​​सद्गुरु ने अपने आधे-अधूरे ज्ञान को एक स्पष्ट तरीके से लोगों के सामने प्रस्तुत किया जो पहली बार सुनने पर तार्किक लग सकता है। क्योंकि उनके पास आध्यात्मिकता और विज्ञान को मिश्रित करने की अदभुत क्षमता है। लेकिन उनकी बातें विज्ञान के औसत दर्जे के शिक्षितों और अनुयाइयों को ही आश्वस्त कर सकती हैं। विज्ञान को समझने वालों को बिल्कुल नहीं।

सरल भाषा में कहा जाए तो सद्गुरू अपनी परिष्कृत अंग्रेजी में छद्म विज्ञान और अंधविश्वास परोसते हैं। अर्पित ने अपने इस वीडियो में ​​सद्गुरु के कहे वचनों का विस्तार से विश्लेषण किया हैं।

जग्गी वासुदेव उर्फ ​​सद्गुरु के छद्म विज्ञान का पर्दाफाश

सद्गुरु के छद्म विज्ञान का पर्दाफाश
Sadhguru's Pseudoscience Exposed

जग्गी वासुदेव उर्फ ​​सद्गुरु नए जमाने के स्वयंभू संत कहे जाते हैं, उनके पास आधुनिक शिक्षित, भारतीय शहरी और NRI अनुयायी प्रचुर मात्रा में हैं। सद्गुरु को छद्म विज्ञान का गुरु कहा जा सकता है। जग्गी वासुदेव उर्फ ​​सद्गुरु ने अपने आधे-अधूरे ज्ञान को एक स्पष्ट तरीके से लोगों के सामने प्रस्तुत किया जो पहली बार सुनने पर तार्किक लग सकता है। क्योंकि उनके पास आध्यात्मिकता और विज्ञान को मिश्रित करने की अदभुत क्षमता है। लेकिन उनकी बातें विज्ञान के औसत दर्जे के शिक्षितों और अनुयाइयों को ही आश्वस्त कर सकती हैं। विज्ञान को समझने वालों को बिल्कुल नहीं।

सरल भाषा में कहा जाए तो सद्गुरू अपनी परिष्कृत अंग्रेजी में छद्म विज्ञान और अंधविश्वास परोसते हैं। अर्पित ने अपने इस वीडियो में ​​सद्गुरु के कहे वचनों का विस्तार से विश्लेषण किया हैं।

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